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milap singh
Wednesday, 25 December 2013
Monday, 23 September 2013
आँखों से बार- बार
काजल से काले पलकों के
किनारे न किया करो
सुर्खी से लाल हौंठ
ओर अंगारे न किया करो
मर जायेगा ' मिलाप '
कभी दिल पे हाथ रख के
तुम आँखों से बार- बार
इशारे न किया करो
.........मिलाप सिंह भरमौरी
किनारे न किया करो
सुर्खी से लाल हौंठ
ओर अंगारे न किया करो
मर जायेगा ' मिलाप '
कभी दिल पे हाथ रख के
तुम आँखों से बार- बार
इशारे न किया करो
.........मिलाप सिंह भरमौरी
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