milap singh

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Sunday, 5 October 2014

तेरी यादें


तेरी यादें  मुझसे  कुछ कहती हैं
तू  अभी भी मेरे दिल में  रहती है
वो जमाना फिर उमड के आता है
तू  आंखों से  फिर कुछ  कहती है

------ मिलाप सिंह भरमौरी

Saturday, 4 October 2014

जरूरी उम्मीदें


मोहब्बत इनायत बफा की उम्मीदें
सभी  की सभी  है अधूरी  उम्मीदें
मालूम  नहीं  है  पूरी  हो  के  न हो
पर जीने के लिए हैं जरूरी उम्मीदें

--------- मिलाप सिंह भरमौरी

दर्द दिल के


दर्द  दिल के  मैं  सहूंगा  कैसे
बिन तेरे  तन्हा मैं रहूँगा  कैसे
इसमें भी  होगी तेरी रुसवाई
पता तेरा किसी से पूछूंगा कैसे

------- मिलाप सिंह भरमौरी

Friday, 3 October 2014

Kal or aaj

दादा ने दी दान में
और एक गरीब हो गया आबाद

पोते के मन में भर गया लालच
उजाडने को
कोर्ट कचहरी की छान रहा खाक

कल और आज
का फर्क देख कर
भगवान भी हो गया हैरान

     ---- मिलाप सिंह भरमौरी

Thursday, 2 October 2014

दशहरा मुबारक


अच्छाई की ही जीत होती है
चाहे कितनी भी हो सबल बुराई

रावण का वध तो तय ही था
अधर्म की राह थी उसने अपनाई

श्री राम चंद्र को याद करते हुए
सभी को हो आज दशहरे की बधाई

------ मिलाप सिंह भरमौरी

पेड के नीचे


पेड की  छाया में
पत्थर पर बैठकर

बहुत अच्छी लगती है
मक्की की सरसराहट

आत्मा का जैसे
हो परमात्मा से मिलन

जीवन में आती है
जैसे सकून की आहट

------ मिलाप सिंह भरमौरी

Wednesday, 1 October 2014

स्वच्छ भारत अभियान


हाथ मुँह धोने से नहीं काम चलेगा
करना होगा अब पूरा सनान

साफ सफाई का हर क्षेत्र में
रखना होगा सबको विषेश ध्यान

सुधर जाओ अब अलसी लोगों
तुम्हारी तो अब खैर नहीं हैं

क्योंकि शुरू हो गया है आज से
देश में स्वच्छ भारत अभियान

------- मिलाप सिंह भरमौरी