बैठी हुई आँखें हैं
और सूखे हुए गाल।
कुछ ठीक नहीं लगता
तुम्हारा ये हाल।
जहर बन जाएगा
जो दिल में छुपा रखा है।
तू बाहर बहने दे आंसू
गम अपना निकल।
....... मिलाप सिंह भरमौरी
A place for original Hindi shayari sad shayari romantic shayari hindi kavita and pahari kavita of milap singh
बैठी हुई आँखें हैं
और सूखे हुए गाल।
कुछ ठीक नहीं लगता
तुम्हारा ये हाल।
जहर बन जाएगा
जो दिल में छुपा रखा है।
तू बाहर बहने दे आंसू
गम अपना निकल।
....... मिलाप सिंह भरमौरी
अच्छा नहीं है ये काम न करो।
बेटी किसी की यारो बदनाम न करो।
दफ़न करो बातें मिट्टी डालकर ।
ये बेआबरू की बातें तुम आम न करो।
....... मिलाप सिंह भरमौरी
यहां तु ही नहीं अकेला है
कहना ओर भी कई मोड चुके हैं।
अपने किए हुए वादे महफ़िल में
हजार तोड चुके हैं।
सुना है तरक्की बहुत पा रहें हैं
वो आज उसी पेशे में।
जो कहते थे सबकी खातिर
पेशा ही अपना हम छोड़ चुके हैं।
...... मिलाप सिंह भरमौरी
दिल धीरे - धीरे घवरा जाता है।
जब वक़्त जुदाई का आ जाता है।
पल साथ बिताए याद आते हैं
और आंखों में पानी आ जाता हैै ।
क्यों खुशियां हर पल देता नहीं है
क्यों कहर खुदा ये ढा जाता है।
दिन की है बस चहल- पहल सब
शाम होते ही अंधेरा छा जाता है।
....... मिलाप सिंह भरमौरी
बीत गया वक़्त जो साथ गुजारा था।
जब हर दिन हर लम्हा प्यारा था।
हमेशा न थी विरान यह जिंदगी अपनी
एक वक़्त था जब अपना जहां सारा था।
...... मिलाप सिंह भरमौरी