milap singh

milap singh

Monday, 2 July 2018

बैठी हुई आँखे हैं

बैठी हुई आँखें हैं

और सूखे हुए गाल।

कुछ ठीक नहीं लगता 

तुम्हारा ये हाल।

जहर बन जाएगा

जो दिल में छुपा रखा है।

तू बाहर बहने दे आंसू

गम अपना निकल।

....... मिलाप सिंह भरमौरी



Tuesday, 3 April 2018

Badnam shayari


Badnan shayari

अच्छा नहीं है ये काम न करो।

बेटी किसी की यारो बदनाम न करो।

दफ़न करो बातें मिट्टी डालकर ।

ये बेआबरू की बातें तुम आम न करो।

....... मिलाप सिंह भरमौरी


Sunday, 1 April 2018

अवसर

यहां तु ही नहीं अकेला है 


कहना ओर भी कई मोड चुके हैं।

अपने किए हुए वादे महफ़िल में 


हजार तोड चुके हैं।

सुना है तरक्की बहुत पा रहें हैं 

वो आज उसी पेशे में।



जो कहते थे सबकी खातिर 


पेशा ही अपना हम छोड़ चुके हैं।

     ...... मिलाप सिंह भरमौरी

Saturday, 17 March 2018

Jindgi

चलने से टिकती है
और रुकने से गिर जाती है।
यह जिंदगी बिना स्टैंड की
साईकिल है।

Saturday, 10 March 2018

वक़्त जुदाई का

दिल धीरे - धीरे घवरा जाता है।

जब वक़्त जुदाई का आ जाता है।


पल साथ बिताए याद आते हैं

और आंखों में पानी आ जाता हैै ।


क्यों खुशियां हर पल देता नहीं है

क्यों कहर खुदा ये ढा जाता है।


दिन की है बस चहल- पहल सब

शाम होते ही अंधेरा छा जाता है।


....... मिलाप सिंह भरमौरी


Friday, 9 March 2018

एक वक़्त था

बीत गया वक़्त जो साथ गुजारा था।

जब हर दिन हर लम्हा प्यारा था।

हमेशा न थी विरान यह जिंदगी अपनी

एक वक़्त था जब अपना जहां सारा था।

       ...... मिलाप सिंह भरमौरी