दूरियां बना देती हैं
मीलों की दरमियाँ
बड़ी बतमीज होती हैं
यह गलतफहमियां
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milap singh
Tuesday, 24 July 2018
Monday, 2 July 2018
बैठी हुई आँखे हैं
बैठी हुई आँखें हैं
और सूखे हुए गाल।
कुछ ठीक नहीं लगता
तुम्हारा ये हाल।
जहर बन जाएगा
जो दिल में छुपा रखा है।
तू बाहर बहने दे आंसू
गम अपना निकल।
....... मिलाप सिंह भरमौरी
Tuesday, 3 April 2018
Badnan shayari
अच्छा नहीं है ये काम न करो।
बेटी किसी की यारो बदनाम न करो।
दफ़न करो बातें मिट्टी डालकर ।
ये बेआबरू की बातें तुम आम न करो।
....... मिलाप सिंह भरमौरी
Sunday, 1 April 2018
अवसर
यहां तु ही नहीं अकेला है
कहना ओर भी कई मोड चुके हैं।
अपने किए हुए वादे महफ़िल में
हजार तोड चुके हैं।
सुना है तरक्की बहुत पा रहें हैं
वो आज उसी पेशे में।
जो कहते थे सबकी खातिर
पेशा ही अपना हम छोड़ चुके हैं।
...... मिलाप सिंह भरमौरी
Saturday, 17 March 2018
Saturday, 10 March 2018
वक़्त जुदाई का
दिल धीरे - धीरे घवरा जाता है।
जब वक़्त जुदाई का आ जाता है।
पल साथ बिताए याद आते हैं
और आंखों में पानी आ जाता हैै ।
क्यों खुशियां हर पल देता नहीं है
क्यों कहर खुदा ये ढा जाता है।
दिन की है बस चहल- पहल सब
शाम होते ही अंधेरा छा जाता है।
....... मिलाप सिंह भरमौरी
