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milap singh
Monday, 30 November 2020
बस में बात
Thursday, 24 September 2020
अनजान
Friday, 6 March 2020
Thursday, 9 January 2020
फर्ज
उस भूमि को नमन करो
जिस पर हमने जन्म लिया है।
उस धरती को माथे से चूमो
जिसने हमको कर्म दिया है।
बड़ी बड़ी बातें हैं यह सब
और मौके पर ऐरे गैरे भी कह देते हैं
बात मगर इतनी सी है
क्या निष्ठा से तुमने अपना अदा फर्ज किया है।
...मिलाप सिंह भरमौरी
Wednesday, 8 January 2020
अटल
वो गफलत में है जो कहते हैं।
हम अटल खड़े हैं अटल रहेंगे।
देखना इक दिन लहराने वाले
बनकर पत्ते सड़कों पे झड़ेंगे।
जब कुचले जाएगें पैरों- तले
चर -चर की सी आवाज करेंगे।
वो सबको आँखे दिखाने वाले
कदमों की जरा आहट से डरेंगे।
तुम ये कैसी बातें करते हो जी
जब वो न रहे तो हम क्या रहेगें।
..... मिलाप सिंह भरमौरी
Wednesday, 11 December 2019
हराम
इंसान पहले काम ढूंढता है
फिर आराम ढूंढता है
फिर देखता है अगल- बगल
और हराम ढूंढता है।
....... मिलाप सिंह भरमौरी
Saturday, 23 November 2019
सफर
खाली नहीं है हम जी
हम भी काम करते हैं।
पलकों के चौराहे पे
सपनों की दुकान करते हैं।
बेसफ़र के पाँव में तो
कभी शाले नहीं होते
यह उनकी है कमी जो
मंजिल को सलाम करते हैं।
मिलाप सिंह भरमौरी