मना लेना हमें तुम
कभी भी रूठने मत देना
थामा है हाथ मेरा जो
कभी भी छूटने मत देना
कि जान से ज्यादा यकीन
करते हैं हम तुम पर
तुम भी यह भरोसा
हमारा कभी टूटने मत देना
----- मिलाप सिंह भरमौरी
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मना लेना हमें तुम
कभी भी रूठने मत देना
थामा है हाथ मेरा जो
कभी भी छूटने मत देना
कि जान से ज्यादा यकीन
करते हैं हम तुम पर
तुम भी यह भरोसा
हमारा कभी टूटने मत देना
----- मिलाप सिंह भरमौरी
ऐसा भी कुछ नहीं है नशे में
कि इसके बगैर जी न सकें
खुद बखुद छूट जाएगी लत
अगर थोडी सी कोशिश करें
थोडा सा अपना मन बनाएं
थोडा सा नशेडियों से दूर रहें
----- मिलाप सिंह भरमौरी
जायज हैं सब सितम तेरे
अब चाहे जान भी ले ले
उफ न करूंगा जरा भी मैं
कि की है मौहब्बत तुझसे मैंने
उस प्यार में मजा ही क्या
कि हिज्र का पता न चले
जन्नत का एहसास होता है
गर मुद्दत के बाद महबूब मिले
------- मिलाप सिंह भरमौरी
तुम यह न समझ लेना कि
दिलों के बीच में दूरी है
सिद्धांतवादी इंसान हूँ
मेरी भी कुछ मजबूरी है
यह सोच कर मैंने बदल दिया
गिफ्ट लाने का विचार तुम्हें
क्या प्यार जताने के लिए
रिश्वत देना जरूरी है
तेरे नाम से सीना तन जाता है
और गर्व से उठ जाता है मस्तक
तारीफ के काबिल हैं अपने सैनिक
तारीफ के काबिल हैं अपने तटरक्षक
------ मिलाप सिंह भरमौरी
कभी अपनी ही
धुन में रहता है
कभी गुमसुम भी यह रहता है
चाहे जो भी हो
इस दिल का आलम
हरपल तुझमें ही यह रहता है
---- मिलाप सिंह भरमौरी
चांदनी रात में
छत पर बैठ के
डूबा हूँ मैं इस सोच में
काश! तू होती जिंदगी में
तो कितना अलग होता यह पल
वो गुजरा हुआ कल
और ये आने वाला कल
बहुत खुशियां होती जिंदगी में
अगर तू सचमुच होती जिंदगी में
----- मिलाप सिंह भरमौरी