रंग - बिरंगे इस धरती पर
फूल प्यारे सजते हैं।
काले- काले बादल जब
पानी बन के बरसते हैं।
आँखे मन करते हैं आँसू
पर फिर भी ठंडक मिलती है।
सच तेरी यादों के पल मुझको
वो अब भी प्यारे लगते हैं।
....... मिलाप सिंह भरमौरी
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रंग - बिरंगे इस धरती पर
फूल प्यारे सजते हैं।
काले- काले बादल जब
पानी बन के बरसते हैं।
आँखे मन करते हैं आँसू
पर फिर भी ठंडक मिलती है।
सच तेरी यादों के पल मुझको
वो अब भी प्यारे लगते हैं।
....... मिलाप सिंह भरमौरी
पल भर ही सही लेकिन
वाह! क्या समा बन आया था।
दिल के हर कोने में जैसे
खुशियों का रंग छाया था।
जी करता है कि
जिंदगी भर न छूटने दूँ उसको।
अपने हाथों से मेरे गालों पर
कल तुमने जो रंग लगाया था।
..... मिलाप सिंह भरमौरी
मेहनत तो कर्म है तेरा
फिर किसलिए परेशान हो।
नीरस - सा लगेगा जहान
मंजिल अगर आसान हो।
कुछ तो सिखा के जाएंगी
यह रुकावटें भी राह की।
प्रयास एक ओर जारी रहे
जब तक जिस्म में जान हो।
.......मिलाप सिंह भरमौरी।
बस कमी सी तेरी खलती है।
पर शामें अब भी ढलती हैं।
तुम होते तो शायद ओर अच्छा होता
खैर! दुनिया तो अब भी चलती है।
....... मिलाप सिंह भरमौरी
अपने जीवन के इस विस्तृत मैदान में।
अवगुणों के आलंवन से खड़े हो चुके शैतान में।
आज सतगुणों के अस्त्र से प्रहार करते हैं।
रूह तक जम चुकी कालिख का संहार करते है।
..... Milap Singh bharmouri
चलने से टिकती है
और रुकने से गिर जाती है।
यह जिंदगी बिना स्टैंड की साईकिल है।
बिना स्टैंड की साइकिल
🚲🚲🚲🚲🚲🚲🚲
चलती है तो टिकती है।
रुकती है तो गिर जाती है।
ओर कुछ नहीं है यह जिंदगी
सिर्फ बिना स्टैंड की साइकिल है।
....... मिलाप सिंह भरमौरी
मैं जब भी तन्हा होता हूँ।
तेरे सुंदर सपने बोता हूँ।
कभी उड़ता हूँ उन्मुक्त सा होकर
कभी देख हकीकत रोता हूँ।
कभी लगती है हर राह आसान
कभी ठोकर पे ठोकर खाता हूँ।
..... मिलाप सिंह भरमौरी