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milap singh
Friday, 6 March 2020
Thursday, 9 January 2020
फर्ज
उस भूमि को नमन करो
जिस पर हमने जन्म लिया है।
उस धरती को माथे से चूमो
जिसने हमको कर्म दिया है।
बड़ी बड़ी बातें हैं यह सब
और मौके पर ऐरे गैरे भी कह देते हैं
बात मगर इतनी सी है
क्या निष्ठा से तुमने अपना अदा फर्ज किया है।
...मिलाप सिंह भरमौरी
Wednesday, 8 January 2020
अटल
वो गफलत में है जो कहते हैं।
हम अटल खड़े हैं अटल रहेंगे।
देखना इक दिन लहराने वाले
बनकर पत्ते सड़कों पे झड़ेंगे।
जब कुचले जाएगें पैरों- तले
चर -चर की सी आवाज करेंगे।
वो सबको आँखे दिखाने वाले
कदमों की जरा आहट से डरेंगे।
तुम ये कैसी बातें करते हो जी
जब वो न रहे तो हम क्या रहेगें।
..... मिलाप सिंह भरमौरी
Wednesday, 11 December 2019
हराम
इंसान पहले काम ढूंढता है
फिर आराम ढूंढता है
फिर देखता है अगल- बगल
और हराम ढूंढता है।
....... मिलाप सिंह भरमौरी
Saturday, 23 November 2019
सफर
खाली नहीं है हम जी
हम भी काम करते हैं।
पलकों के चौराहे पे
सपनों की दुकान करते हैं।
बेसफ़र के पाँव में तो
कभी शाले नहीं होते
यह उनकी है कमी जो
मंजिल को सलाम करते हैं।
मिलाप सिंह भरमौरी
Wednesday, 20 November 2019
खाव
तलाश जारी है मगर गुम क्या है।
कुछ खोया है हरपल भ्रम - सा है।
अधूरा ही रह गया लफ्ज़ ज्यादा यहां
हर कोई कहता अभी कम - सा है।
यह भीड़ इतनी क्यों लगती है अजनबी
जब पता है हर ज़र्रा तुम - सा है।
बदल जाता है कब यह पता नहीं चलता
खाव कितना जहां में नरम - सा है।
~मिलाप सिंह भरमौरी~
Sunday, 3 November 2019
प्रदूषण
सभी पब्लिक ट्रांसपोर्ट सरकारी होनी चाहिए,
और किराया होना चाहिए उसका कम से कम।
ताकि प्राइवेट वाहनों के बारे में लोग सोचे ही न,
और आराम से ले सके हम सभी दिल्ली में दम।।
........ मिलाप सिंह भरमौरी