milap singh

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Saturday, 10 August 2019

मुस्कुराते हैं ( शायरी )

भूल  कर  सब मसले पलभर

आओ आज अमीर बन जाते हैं।

अगर वजह नहीं है कोई भी तो 

चलो  बेवजह  ही  मुस्कुराते हैं।


     ...... मिलाप सिंह भरमौरी



Monday, 23 February 2015

नजर

जब  भी  उसने  नजर  उठाई
दिल  को  जैसे  राहत  आई।

उसके  बस  मुस्कुरा  देने  से
हमने  लाखों  खुशियां  पाई।

उसके  इधर  से  आने  से
गली  गली  में  बहारें  आईं।

उसके  होंठ  हिले  तो  पाया
हवा  ने  सुंदर  सरगम  गाई।

   --- मिलाप  सिंह  भरमौरी

Friday, 13 February 2015

इस तरह चाहोगे

इस तरह चाहोगे आप हमें
कभी सोचा न था हमने यह खाव में
बस मिलती रहे यूंही आप की चाहत
बस चलता रहे यूंही अपना समय

---- मिलाप सिंह भरमौरी

हर बात जुदा है

उसकी हर बात जुदा है
जैसे वो कोई इबादत की दुआ है।
हर तरफ से ही खूबसूरत है वो
यूंही नहीं उसने मेरे दिल को छुआ है।

   ------ मिलाप सिंह भरमौरी

Thursday, 12 February 2015

मुफ्त में बिजली

है अपने सी.एम.से एक सवाल
आखिर कैसे ये हो रहा कमाल।
बिजली  बनाए  हिमाचल वाले
और  मुफ्त में बांटे  केजरीवाल।।

    ---- मिलाप सिंह भरमौरी

बहता हुआ पानी

यह जो हुस्न जवानी है
यह बहता हुआ पानी है

आज दौर है खुशियों का
कल वक्त तूफानी है

इस वक्त के पहिए से
सबको ही गुजरना है

यही सबकी हकीकत है
यही सबकी कहानी है

---- मिलाप सिंह भरमौरी

Wednesday, 24 December 2014

मिट्टी का जिस्म

मिट्टी के इस जिस्म पे , क्यों करता खर्चा लाख में

मिल जाना तो  तय ही है , आखिर इसका खाक में

सर्दी का है मौसम , क्यों देता दुख तू खुद को वंदे

जी भर के नहा लेना बेशक ,  आने वाली बरसात में

          --------- मिलाप सिंह भरमौरी

Monday, 15 December 2014

तन्हा रहना ठीक नहीं


हर पल तन्हा रहना ठीक नहीं है
जरा लोगों से भी कुछ मिला करो

क्यों मुरझाए मुरझाए रहते हो
कभी फूल बन कर भी खिला करो

गर तारीफ किसी की मुमकिन नहीं
तो अगल बगल में तुम गिला करो

पर ये तेरा तन्हा रहना ठीक नहीं है
जरा लोगों से कुछ मिला करो

       ------ मिलाप सिंह भरमौरी