milap singh

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Saturday, 10 August 2019

मुस्कुराते हैं ( शायरी )

भूल  कर  सब मसले पलभर

आओ आज अमीर बन जाते हैं।

अगर वजह नहीं है कोई भी तो 

चलो  बेवजह  ही  मुस्कुराते हैं।


     ...... मिलाप सिंह भरमौरी



Thursday, 9 August 2018

याद

नदी किनारे शाम को

जब दिन ढ़लता है।

सूरज धीरे- धीरे

पानी के बीच उतरता है।

ताजा हो जाती हैं फिर

भीगी सी यादें।

एक तूफान सा जैसे

आँखों के बीच उमड़ता है।

........ मिलाप सिंह भरमौरी


Tuesday, 16 January 2018

लगन बनेगी सबल जीत की

चारों ओर दिवारे हैं ।
कुछ लम्हें मीठे खारे हैं।

उलझ गया है किस उलझन में
पतझड के बाद बहारें हैं।

जीत हुई है उनकी अक्कसर
जो कई मर्तवा हारे हैं।

रहता नहीं अँधियारा हमेशा
हर रात के बाद उजियारे हैं।

इक लगन बनेगी सबल जीत की
बाकि सब झूठे लारे है।

...... मिलाप सिंह भरमौरी

Thursday, 14 September 2017

समझौता

मुस्कुरा लेते हैं दर्द में
गम से धौखा कर लेते हैं।
छोड कर झगडा कोशिसों से
किस्मत से समझौता कर लेते हैं।

...... मिलाप सिंह भरमौरी

Thursday, 12 February 2015

बहता हुआ पानी

यह जो हुस्न जवानी है
यह बहता हुआ पानी है

आज दौर है खुशियों का
कल वक्त तूफानी है

इस वक्त के पहिए से
सबको ही गुजरना है

यही सबकी हकीकत है
यही सबकी कहानी है

---- मिलाप सिंह भरमौरी

Wednesday, 11 February 2015

किस डे

आज किस डे है
सोचता हूँ किस को करूं
हर तरफ चर्चा है
क्यों मैं भी पीछे रहूं।

बडी मशक्कत के बाद
ज्ञान के द्वार खुले हैं
जिन्हें किस कर सकूं
हकदार मिले हैं।

एक किस उनके लिए
जिन्होंने यह दुनिया दिखाई है
अपनी खुशियां कुर्बान कर
हमारी काबिल जिंदगी बनाई है।

एक किस उसके लिए
जो सब रिश्ते तोडकर
मेरे पास आई है
सजाकर घर की दीवारों को
जिंदगी महकाई है।

एक किस उनके लिए
जो सबसे हमको प्यारे हैं
जिस तरह हम थे किसी के
वो बच्चे हमारे हैं।

----- मिलाप सिंह भरमौरी

Tuesday, 10 February 2015

स्वाईन फ्लू से बचाव

स्वाईन फ्लू बहुत तेजी से फैल रहा है
खुद को और लोगों को इससे बचाएँ ।

अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में
कुछ आसान से ये नुस्खे अपनाएं ।

हाथ मिलाने से बचें दोस्तों में
नमस्कार से ही कुछ दिन काम चलाएं ।

जब भी जाना हो भीड - भाड में
मुंह को मास्क से ढक कर ही जाएं ।

अगर जुकाम बुखार की शिकायत हो तो
नजदीकी डाक्टर को जरूर दिखाएं ।

------मिलाप सिंह भरमौरी

स्वाईन फ्लू

मरीज के मरने के बाद आ रही
लिए हुए सैंपल की रिपोर्ट

ऐसे में यह सुस्त प्रशासन
कैसे स्वाईन फ्लू को पाएगा रोक

जल्दी जल्दी जगह जगह पर
फ्लू टैस्ट के लिए लैब बनाओ

महामारी बन चुकी इस बिमारी से
सभी लोगों को शीघ्र बचाओ

    ----- मिलाप सिंह भरमौरी

इक चाह होती है

सफलता ओर कुछ नहीं है
यह बस इक चाह होती है

चलना होता है उस पर अविराम
सामने जो राह होती है

कदमों को चूमता है फिर
दिल्ली का नूरानी तख्त भी

और गली गली में हरसूं
उस चाहत की वाह ! वाह होती है

----- मिलाप सिंह भरमौरी

Friday, 6 February 2015

रूठ जाती है

जब वो रूठ जाती है
जैसे किस्मत लूट जाती है

लहलहाते हुए शजर से
जैसे टहनी टूट जाती है

जब कम करके वो शिकन को
हिलाती है कमान पलकों की

फिर मिलती है जन्नत राहत की
फिर बचती है जान सांसो की

----- मिलाप सिंह भरमौरी

Thursday, 5 February 2015

अजनबी भी

मत बनो इतना भी
अजनबी कि

उम्मीद का चिराग भी
बुझा दें हम

थाम रखा है मुश्किल से
चूर चूर दिल यह

कि शन से जमीन पर
इसे गिरा दें हम

तुम्हें नहीं पता
क्या हो तुम हमारे लिए

हर चीज से बढकर हो
तुम हमारे लिए

बस एक बार
मिल जाओ तुम हमें जो तो

फिर न मांगेंगे कुछ भी
तेरी कसम खुदा से हम

---- मिलाप सिंह भरमौरी

Friday, 16 January 2015

जिया जाए

जिंदगी इतनी बेकार
कभी नहीं होती है
कि खुद को ही मिटा दिया जाए ।

सौ बहाने निकल आते हैं जीने के लिए
अगर बस एक पल पर
काबू पा लिया जाए ।

खुद से बाहर निकल
कर दायरा सोच का बडा
अगर अपने लिए ठीक नहीं
तो क्यों न ओरों के लिए जिया जाए ।

----- मिलाप सिंह भरमौरी

Saturday, 20 December 2014

समानता लादे


सर्दी के दिन है सर्दी की रातें
हो रही हैं कोहरीली बरसातें

जम चुकी है स्याही कलम की
लिखें कैसे अब दिल की बातें

बेघर फुटपाथ पे ठिठुर रहे हैं
खो रहे हैं वो अब अपनी जानें

पूंजीपति को फर्क क्या इससे
हो रही उसकी रंगीन नित रातें

सबके पास हो बुनियादी चीजें
कोई समाज में समानता ला दे

   ----- मिलाप सिंह भरमौरी

Monday, 15 December 2014

तन्हा रहना ठीक नहीं


हर पल तन्हा रहना ठीक नहीं है
जरा लोगों से भी कुछ मिला करो

क्यों मुरझाए मुरझाए रहते हो
कभी फूल बन कर भी खिला करो

गर तारीफ किसी की मुमकिन नहीं
तो अगल बगल में तुम गिला करो

पर ये तेरा तन्हा रहना ठीक नहीं है
जरा लोगों से कुछ मिला करो

       ------ मिलाप सिंह भरमौरी

Friday, 5 December 2014

देश के काम


देश के जो काम न आए
लानत है ऐसी जवानी को

कभी न भूल पाएगा देश
तेरी इस कुर्बानी को

अपनी जान की बाजी लगाकर
घाटी में अमन की रक्षा की है

तेरी बहादुरी कर देगी खत्म
देश से आतंक की कहानी को

------- मिलाप सिंह भरमौरी

Wednesday, 26 November 2014

हाल दिल का

हाल अपने दिल का
मैं तुम्हें सुना नहीं पाता हूँ

जो सोचता रहता हूँ हरपल
होंठो तक ला नहीं पाता हूँ

बेशक बहुत मोहब्बत है
तुम्हारे लिए मेरे इस दिल में

पर पता नहीं क्यों तुमको
फिर भी मैं बता नहीं पाता हूँ

----- मिलाप सिंह भरमौरी

Friday, 21 November 2014

फिक्र रहता है

Hindi shayari
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हर पल मन में इक फिक्र रहता है
और जुवां पर उसका जिक्र रहता है
जब हो जाता है  प्यार किसी को
कुछ इस तरह का उसका हश्र रहता है

---------- मिलाप सिंह

Tuesday, 18 November 2014

खुदगर्ज से मोहब्बत


खुदगरजों से मोहब्बत कैसी
खुदगर्ज तो अपनी ही सोचेंगे

अगर इससे हो मुनाफा इनका
तो तुझे मरने से भी क्यों रोकेंगे

सुन तेरी मोहब्बत का उन्हें
जरा भी एहसास नहीं होगा

वो तो सिर्फ मूर्ख कहेंगे तुमको
और खिलखिला कर ताली ठोकेंगे

------ मिलाप सिंह भरमौरी

Monday, 17 November 2014

प्यार की चिंगारी

मौहब्बत जब हो जाती है तो
उसके सारे अवगुण छुप जाते हैं

चाहे हो वो कोई घोर दरिंदा
उसमें भी फिर रव को पाते हैं

मर मिटने को हो जाते हैं आमअदा
बस उसके एक इशारे पर

छिटक के खुद पर इश्क का तेल
प्यार की चिंगारी से जल जाते हैं

--------- मिलाप सिंह भरमौरी

Monday, 10 November 2014

मौसम बदल रहा है

मौसम बदल रहा है
जरा अपना ख्याल रखना

सुबह सर्दी बहुत होती है
तन को कपडों से ढक के रखना

क्योंकि कभी भी टपक सकती है
कमबख्त नाक यह

इसलिए हरपल जेब में
दोस्त रूमाल रखना

     ----- मिलाप सिंह भरमौरी