milap singh

milap singh
Showing posts with label मिलाप की शायरी. Show all posts
Showing posts with label मिलाप की शायरी. Show all posts

Sunday, 14 April 2019

हक़ीक़त

जिनसे मोहब्बत होती है

शिकवे भी उनसे होते हैं।

वरना गैरों से दुनिया में

भला कौन शिकायत करता है।

तुमको भी पता है 

इस दिल की हकीकत।

यह दिल तुमसे अब भी

कितनी मोहब्बत करता है।

....... मिलाप सिंह भरमौरी 



Wednesday, 17 January 2018

खुद से करके देखें वैर

बात हुई जब खुद की तो
कह दिया झटसे छौडो खैर।

सच को हवा बताने वाले
झूठ के गिनते देखे पैर।

ओरों से नहीं हो पाएगा
आ खुद  से करके देखें वैर।

चुल्लू भर में डूबने वाले
भला पाएगें  सोचो  कितना तैर।

   ..... मिलाप सिंह भरमौरी

Tuesday, 16 January 2018

लगन बनेगी सबल जीत की

चारों ओर दिवारे हैं ।
कुछ लम्हें मीठे खारे हैं।

उलझ गया है किस उलझन में
पतझड के बाद बहारें हैं।

जीत हुई है उनकी अक्कसर
जो कई मर्तवा हारे हैं।

रहता नहीं अँधियारा हमेशा
हर रात के बाद उजियारे हैं।

इक लगन बनेगी सबल जीत की
बाकि सब झूठे लारे है।

...... मिलाप सिंह भरमौरी

Wednesday, 27 December 2017

किनारे भी बन जाते है

दरिया जब बनता है किनारे भी बन जाते हैं।

दुखों  के आने  पर सहारे भी  मिल जाते हैं।

परिवर्तन तो तय है हर पल निरंतर चलता रहता

फूल पुराने मुरझाने पर पुष्प नए खिल जाते हैं।

नया नया वाकिफ है गम से आँसू तो निकलेगें 

धीरे धीरे सब दुनिया के सांचे में ढल जाते हैं।

सुप्त पडा है जल तो क्या खामोशी भी तोडेगा 

बहते हवा के  झौंके से धारे  भी बन जाते हैं।

                ............. मिलाप सिंह भरमौरी

Wednesday, 18 February 2015

नाराज होते हैं

जिनसे उम्मीद होती है
उनसे ही नाराज होते हैं

वरना ऐसे वैसे तो
दुनिया में हजार होते हैं

अब मुझको खूब भाता है
तेरा रूठ जाना भी

बस इक तेरे बगैर के पल
बडे ही बेकार होते हैं

---- मिलाप सिंह भरमौरी

Friday, 27 June 2014

भारत को सम्पन्न बनाना है

Hindi shayari
@ @ @ @ @ @

भारत  को   सम्पन्न   बनाना  है ।
रुपये को डॉलर तक पहुंचाना है ।।     
कम नहीं है किसी  से  भारतीय । 
यह  दुनिया  को    दिखलाना है ।।

----- मिलाप सिंह भरमौरी