milap singh

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Sunday, 14 April 2019

हक़ीक़त

जिनसे मोहब्बत होती है

शिकवे भी उनसे होते हैं।

वरना गैरों से दुनिया में

भला कौन शिकायत करता है।

तुमको भी पता है 

इस दिल की हकीकत।

यह दिल तुमसे अब भी

कितनी मोहब्बत करता है।

....... मिलाप सिंह भरमौरी 



Friday, 5 January 2018

कोख में बेटियां मार कर

क्यों बहशी बन रहा  हदें शराफतों की लांघ कर।
अँधेरे में खो गया  है तू खुद में  कुछ सुधार कर ।

झूठी  तमाम  बातें हैं जो  चौराहे पे लोग करते हैं
जन्नत नहीं मिलती कभी कोख में बेटियां मारकर ।

ये लालच से  भरे हैं , कातिल  खुद  की  सोचते हैं
पुण्य नहीं मिलता कभी खून की नदियां लांघकर।

यह कर्म धर्म की बातें कभी  हिंसा नहीं  सिखाती
अगर ऐसा कुछ कहा है तो इसमें कुछ सुधार कर।

                              ~ मिलाप सिंह भरमौरी~

Saturday, 30 December 2017

Happy New Year 2018


उत्कर्ष हो हर्ष का ।
शुभ असर मिले संघर्ष का।
हर दिन लाए इक नई खुशी।
हो खुशियों से भरा कलेंडर नए वर्ष का ।

...... मिलाप सिंह भरमौरी

वर्ष 2018 के  शुभ आगमन पर आपको और आपके परिवार को मेरी ओर से हार्दिक शुभकामनाएं।

Thursday, 21 December 2017

सडकों पे लगाते नारे लोग

दुनिया में बहुत नजारे देखे।
चांदनी रात में तारे देखे।

जो दिल को चीरते जाते थे
ऐसे भी बहुत इशारे देखे।

नदियां शहद मिलाती रहतीं
समुंद्र फिर भी खारे देखे।

दुनिया को दीया दिखाने वाले
वो खुद के आगे हारे देखे।

जिनको मसले मालूम न थे
वो भी सडकों पे लगाते नारे देखे।

....... मिलाप सिंह भरमौरी

Wednesday, 20 December 2017

मौहाबत तो जताते हो

मौहाबत तो जताते हो निभाकर भी दिखाना।
हँसने न पाए कभी उस पर यह जमाना।

इक शाख हिलाने से सब पत्ते हिल जाते हैं
पर ढूंड न पाओगे हवाओं का ठिकाना।

कोई बदलाब नहीं आया पहले सा जमाना है
बस बाहर से नया लगता पर अंदर है पुराना।

हर गली मोहल्ले में फिर बातें उड जाती हैं
दोस्त आसान नहीं होता उन बातों को बैठाना।

               .......... मिलाप सिंह भरमौरी