milap singh

milap singh

Sunday, 10 August 2014

Fir aaya yaad


फिर आया अजनबी कोई याद मुझे
फिर मिला कोई वर्षों के बाद मुझे

फिर हुई जीने की तमन्ना मुझको
फिर मिला जिंदगी का साज मुझे

फिर मेरी धडकनो को रफ्तार मिली
फिर छू गया दिल से कोई आज मुझे

फिर मिली मुझको इक नूरे छपक
फिर मिला कोई हसीन आफताब मुझे

फिर से जिंदगी को मैंने पहचाना है
फिर मिला जीने का कोई राज मुझे

------- मिलाप सिंह भरमौरी

सलाह


एक सलाह  देता हूँ

सलाह मान लो

बिना मांगे किसी को

मत  सलाह दो !!!!!!

--- मिलाप सिंह भरमौरी

Saturday, 9 August 2014

रक्षा बंधन

मुँह में मिठाई है और माथे पर है चंदन
राखी से लग रही कलाई ओर भी चंचल
सुख और समृद्धि की कामना के साथ    
सभी भाई बहनों को मुबारक रक्षाबंधन

Friday, 8 August 2014

ताजमहल


शाहजहां की अय्याशी को
यह बारीकी से दर्शाता है

दुनिया के नक्शे पर जो
ताजमहल कहलाता है

लोगों को झौंपड नसीब नहीं थे
भूखे नंगे रहते थे

और इश्क की खातिर कब्र पे वो
लाखों करोडों लुटबाता है

     ------ मिलाप सिंह भरमौरी

टूटे हुए इस दिल को कैसे


भूल तो जाऊं मैं तुझको
पर इस दिल को कैसे समझाऊँगा

वो प्यार के वादे झूठे थे सब
कैसे इसको बतलाऊंगा

यह तो अब भी तुमको चाहता है
सह न पाएगा तुमसे बिछुडना

टूटे हुए इस दिल को कैसे
मैं किन बातों से बहलाऊंगा

------- मिलाप सिंह भरमौरी

Thursday, 7 August 2014

Mumkin nhai hai

मुमकिन नहीं है
अब तुम्हें भूल जाना
भूलाने के लिए
खुद को भूल जाना पडेगा
कयामत के आगे
गिला क्या करें
इश्क के लिए
सिर को कटाना पडेगा
खोकर के खुद का
खाक में सब कुछ
वादा बफा का
हमको निभाना पडेगा

---- मिलाप सिंह भरमौरी

Wednesday, 6 August 2014

Tere bagair


दिल के दो टुकडों को
हम न सी सकेंगे

आंसुओं के धारो को खुद
हम न पी सकेंगे

छोड कर न जाना हमें कभी
तन्हा तेरी कसम

कि तेरे बगैर हम तो
दो पल भी न जी सकेंगे

------ मिलाप सिंह भरमौरी