milap singh

milap singh

Wednesday, 11 February 2015

किस डे

आज किस डे है
सोचता हूँ किस को करूं
हर तरफ चर्चा है
क्यों मैं भी पीछे रहूं।

बडी मशक्कत के बाद
ज्ञान के द्वार खुले हैं
जिन्हें किस कर सकूं
हकदार मिले हैं।

एक किस उनके लिए
जिन्होंने यह दुनिया दिखाई है
अपनी खुशियां कुर्बान कर
हमारी काबिल जिंदगी बनाई है।

एक किस उसके लिए
जो सब रिश्ते तोडकर
मेरे पास आई है
सजाकर घर की दीवारों को
जिंदगी महकाई है।

एक किस उनके लिए
जो सबसे हमको प्यारे हैं
जिस तरह हम थे किसी के
वो बच्चे हमारे हैं।

----- मिलाप सिंह भरमौरी

Tuesday, 10 February 2015

स्वाईन फ्लू से बचाव

स्वाईन फ्लू बहुत तेजी से फैल रहा है
खुद को और लोगों को इससे बचाएँ ।

अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में
कुछ आसान से ये नुस्खे अपनाएं ।

हाथ मिलाने से बचें दोस्तों में
नमस्कार से ही कुछ दिन काम चलाएं ।

जब भी जाना हो भीड - भाड में
मुंह को मास्क से ढक कर ही जाएं ।

अगर जुकाम बुखार की शिकायत हो तो
नजदीकी डाक्टर को जरूर दिखाएं ।

------मिलाप सिंह भरमौरी

स्वाईन फ्लू

मरीज के मरने के बाद आ रही
लिए हुए सैंपल की रिपोर्ट

ऐसे में यह सुस्त प्रशासन
कैसे स्वाईन फ्लू को पाएगा रोक

जल्दी जल्दी जगह जगह पर
फ्लू टैस्ट के लिए लैब बनाओ

महामारी बन चुकी इस बिमारी से
सभी लोगों को शीघ्र बचाओ

    ----- मिलाप सिंह भरमौरी

इक चाह होती है

सफलता ओर कुछ नहीं है
यह बस इक चाह होती है

चलना होता है उस पर अविराम
सामने जो राह होती है

कदमों को चूमता है फिर
दिल्ली का नूरानी तख्त भी

और गली गली में हरसूं
उस चाहत की वाह ! वाह होती है

----- मिलाप सिंह भरमौरी

Friday, 6 February 2015

रूठ जाती है

जब वो रूठ जाती है
जैसे किस्मत लूट जाती है

लहलहाते हुए शजर से
जैसे टहनी टूट जाती है

जब कम करके वो शिकन को
हिलाती है कमान पलकों की

फिर मिलती है जन्नत राहत की
फिर बचती है जान सांसो की

----- मिलाप सिंह भरमौरी

Thursday, 5 February 2015

अजनबी भी

मत बनो इतना भी
अजनबी कि

उम्मीद का चिराग भी
बुझा दें हम

थाम रखा है मुश्किल से
चूर चूर दिल यह

कि शन से जमीन पर
इसे गिरा दें हम

तुम्हें नहीं पता
क्या हो तुम हमारे लिए

हर चीज से बढकर हो
तुम हमारे लिए

बस एक बार
मिल जाओ तुम हमें जो तो

फिर न मांगेंगे कुछ भी
तेरी कसम खुदा से हम

---- मिलाप सिंह भरमौरी

Sunday, 1 February 2015

Bharosa

जब गिर जाती है थक कर होशियारी
तब आती है फिर तेरे नाम की बारी
अगर पहले से ही भरोसा कर लें तुझ पर
तो यकीनन आए ही न ये नौबत सारी

        ----- मिलाप सिंह भरमौरी