बिन कटारी से भी किस्से खत्म होते हैं ।
भर न पाएं कभी जो ऐसे जख्म होते है ।
मत ढूँढो तुम हथियार मेरी चोट का यारो।
दुनिया में कुछ नजरों से भी कत्ल होते हैं ।
------- मिलाप सिंह भरमौरी
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बिन कटारी से भी किस्से खत्म होते हैं ।
भर न पाएं कभी जो ऐसे जख्म होते है ।
मत ढूँढो तुम हथियार मेरी चोट का यारो।
दुनिया में कुछ नजरों से भी कत्ल होते हैं ।
------- मिलाप सिंह भरमौरी
जब भी उसने नजर उठाई
दिल को जैसे राहत आई।
उसके बस मुस्कुरा देने से
हमने लाखों खुशियां पाई।
उसके इधर से आने से
गली गली में बहारें आईं।
उसके होंठ हिले तो पाया
हवा ने सुंदर सरगम गाई।
--- मिलाप सिंह भरमौरी
पहले मैच में, पाकिस्तान को पटका
अब तेरी बारी है, साउथ अफ्रीका ।
वर्ड कप तो इंडिया ही जीतेगा फिर
हर टीम को लगेगा जोर का झटका।
------- मिलाप सिंह भरमौरी
मैं तन्हा कब हूँ
तू साथ रहती है हमेशा ।
तुझको ही पाया मैंने
जब कभी कहीं भी देखा ।
लफ्ज में तू है, नब्ज़ में तू है
सांसों में तू , बातों में तू ।
तेरी ही परिछाई है यह जग सारा ।
लगता है इसका कण - कण तेरे जैसा ।
---- मिलाप सिंह भरमौरी
जिनसे उम्मीद होती है
उनसे ही नाराज होते हैं
वरना ऐसे वैसे तो
दुनिया में हजार होते हैं
अब मुझको खूब भाता है
तेरा रूठ जाना भी
बस इक तेरे बगैर के पल
बडे ही बेकार होते हैं
---- मिलाप सिंह भरमौरी
हर पल तेरा मुझे
फिक्र रहता है ।
हर बात में मेरी
तेरा ही जिक्र रहता है ।
नजरों के सामने रहो तुम हमेशा ही
इस तरह मुझसे मेरा दिल कहता है ।
------- मिलाप सिंह भरमौरी
इस तरह चाहोगे आप हमें
कभी सोचा न था हमने यह खाव में
बस मिलती रहे यूंही आप की चाहत
बस चलता रहे यूंही अपना समय
---- मिलाप सिंह भरमौरी