milap singh

milap singh

Sunday, 7 June 2015

बिन कटारी से

बिन कटारी  से भी किस्से  खत्म होते हैं ।
भर न  पाएं कभी जो  ऐसे जख्म  होते है ।
मत ढूँढो तुम हथियार मेरी चोट का यारो।
दुनिया में कुछ नजरों से भी कत्ल होते हैं ।

              ------- मिलाप सिंह भरमौरी

Monday, 23 February 2015

नजर

जब  भी  उसने  नजर  उठाई
दिल  को  जैसे  राहत  आई।

उसके  बस  मुस्कुरा  देने  से
हमने  लाखों  खुशियां  पाई।

उसके  इधर  से  आने  से
गली  गली  में  बहारें  आईं।

उसके  होंठ  हिले  तो  पाया
हवा  ने  सुंदर  सरगम  गाई।

   --- मिलाप  सिंह  भरमौरी

Friday, 20 February 2015

World cup shayari

पहले मैच में, पाकिस्तान को पटका
अब तेरी बारी है, साउथ अफ्रीका ।
वर्ड कप तो इंडिया ही जीतेगा फिर
हर टीम को लगेगा जोर का झटका।

   ------- मिलाप सिंह भरमौरी

Thursday, 19 February 2015

Tanha kab hun

मैं तन्हा कब हूँ
तू साथ रहती है हमेशा ।
तुझको ही पाया मैंने
जब कभी कहीं भी देखा ।
लफ्ज में तू है, नब्ज़ में तू है
सांसों में तू , बातों में तू ।
तेरी ही परिछाई है यह जग सारा ।
लगता है इसका कण - कण तेरे जैसा ।

---- मिलाप सिंह भरमौरी

Wednesday, 18 February 2015

नाराज होते हैं

जिनसे उम्मीद होती है
उनसे ही नाराज होते हैं

वरना ऐसे वैसे तो
दुनिया में हजार होते हैं

अब मुझको खूब भाता है
तेरा रूठ जाना भी

बस इक तेरे बगैर के पल
बडे ही बेकार होते हैं

---- मिलाप सिंह भरमौरी

Saturday, 14 February 2015

Har pal

हर पल तेरा मुझे
फिक्र रहता है ।

हर बात में मेरी
तेरा ही जिक्र रहता है ।

नजरों के सामने रहो तुम  हमेशा ही
इस तरह मुझसे मेरा दिल कहता है ।

------- मिलाप सिंह भरमौरी

Friday, 13 February 2015

इस तरह चाहोगे

इस तरह चाहोगे आप हमें
कभी सोचा न था हमने यह खाव में
बस मिलती रहे यूंही आप की चाहत
बस चलता रहे यूंही अपना समय

---- मिलाप सिंह भरमौरी