Hindi shayari
भगवान ! वो दिन कब आएगा
कि जब अपना सिक्का छाएगा
डॉलर घुटने टेकेगा सामने और
हमारा रुपया आंख दिखाएगा
------- मिलाप सिंह भरमौरी
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Hindi shayari
भगवान ! वो दिन कब आएगा
कि जब अपना सिक्का छाएगा
डॉलर घुटने टेकेगा सामने और
हमारा रुपया आंख दिखाएगा
------- मिलाप सिंह भरमौरी
Hindi shayari
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सदा शान से तिरंगा लहराएगा
खुद मिट जाऐंगे इसे मिटाने वाले
खून कतरा कतरा है अर्पण तुझको
फौलाद का सीना रखते हैं तेरे रखबाले
-------- मिलाप सिंह भरमौरी
Hindi shayari
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खत्म हो गई रात
सुबह आ गई है
सूरज की लाली
नभ पर छा गई है
खग पखेरू ने देखो
छोड दिए हैं नीड
नई सुबह की स्फूर्ति
तन तन पर छा गई है
---- मिलाप सिंह भरमौरी
Hindi shayari
पंछी उडे उडान है , मछली जल में होय।
जिसने जैसा जन्म लिया, वैसी फितरत होय।।
-------- मिलाप सिंह भरमौरी
फितरत--- स्वभाव
भारत ने ही तो बांटा है
सब दुनिया को ज्ञान
यूंही नहीं कहते इसे सब
भारत देश महान
जब छंद में लिख रहे थे हम
वो साहित्य से थे अंजान
हमारे वेद अनूठे हैं
है अनमोल बहुत ही पुराण
दर्शन की तो बात ही क्या
था उत्कृष्ठ बडा ही विज्ञान
मिलजुल कर रहना इक दूजे से
है पुरातन हमारी पहचान
वरना देख लो दूजे देशों को
ले रहे हम मजहब के प्राण
----- मिलाप सिंह भरमौरी
Hindi shayari
एक ही घर में रहते हैं , गीता ग्रंथ कुराण ।
यूंही नहीं कहते इसे, भारत देश महान ।।
-------- मिलाप सिंह भरमौरी
हिंदी शायरी ( दोहा )
पेड उगाय जिसने भी, भला करे भगवान ।
मन में कितना सुख भरे, इनकी ठंडी छांव ।।
------- मिलाप सिंह भरमौरी