सौ सूरज की रोशनी है
इक तेरे चेहरे में
बेवजह नहीं तुम पर
सबका ध्यान जाता है
फिर भी अंजान हो
अपनी खूबसूरती से तुम
इसलिए ओर भी तुम हो पर
प्यार आता है
------- milap singh bharmouri
A place for original Hindi shayari sad shayari romantic shayari hindi kavita and pahari kavita of milap singh
सौ सूरज की रोशनी है
इक तेरे चेहरे में
बेवजह नहीं तुम पर
सबका ध्यान जाता है
फिर भी अंजान हो
अपनी खूबसूरती से तुम
इसलिए ओर भी तुम हो पर
प्यार आता है
------- milap singh bharmouri
अपने हालात के बारे में
मैं जब भी सोचता हूँ
भूल जा उसको तू अब
अपने दिल से बोलता हूँ
नजरअंदाज कर देता हूँ
इजहार - ए- मौहब्बत को
अपने जज्बातों को बेबसी की
मिट्टी में रोलता हूँ
------ milap singh bharmouri
Hindi shayari
पहले - पहल बनाते हैं
मंदिर- मस्जिद या मजार
पीछे से कर देते हैं शुरू
शातिर लोग अवैध निर्माण
----- मिलाप सिंह भरमौरी
Hindi shayari
@ @ @ @ @ @ @
बस मुड के देख लो इक बार मेरी तरफ
दिल के कोने कोने में बहार आ जाएगी
आवाद हो जाएगा खुशियों का गुलशन
खिजां में जब भी तेरी याद आ जाएगी
गम न होगा नाकामियों का जरा भी फिर
असर न कर पाएंगे फिर यह नासूर मेरे
देखकर मरहम तेरी मौहब्बत का सनम
किस्मत मुझे सताने से बाज आ जाएगी
------- milap singh bharmouri
जिद्द हद में ही अच्छी है
इसे बेहद किया नहीं करते
थोडी की कोई बात नहीं
ज्यादा मगर पिया नहीं करते
परवाह करनी पडती है कुछ
जमाने वालों की भी दोस्त
बस अपने ही असूलो पर
हमेशा जिया नहीं करते
------- milap singh bharmouri
हासिल तुमने भी क्या किया
मेरे दिल को तोडकर
चली गई शौहरत के लिए
मुझे गुरबत में छोडकर
मैं था तेरी झलक का प्यासा
इक भंवरे रिंद जैसा
तेरे लिए रुकता था मैं
कितनी देर तक उस मोड पर
------- मिलाप सिंह भरमौरी
बस इक सत्ता की चाह में
उसने मुल्ख का
करवा दिया था बंटवारा
वरना वो भी तो कहता था
सारे जहाँ से अच्छा
हिन्दोसितां हमारा
------ मिलाप सिंह भरमौरी