milap singh

milap singh

Tuesday, 15 July 2014

सूरज की रोशनी


सौ  सूरज  की  रोशनी  है
इक  तेरे   चेहरे  में

बेवजह  नहीं  तुम  पर
सबका  ध्यान  जाता  है

फिर  भी  अंजान  हो
अपनी  खूबसूरती  से  तुम

इसलिए  ओर  भी  तुम हो पर
प्यार  आता  है

------- milap singh bharmouri

Monday, 14 July 2014

भूल जा उसको

अपने  हालात  के  बारे  में
मैं  जब  भी  सोचता  हूँ

भूल  जा  उसको  तू  अब
अपने  दिल  से  बोलता  हूँ

नजरअंदाज  कर  देता  हूँ
इजहार - ए- मौहब्बत  को

अपने  जज्बातों  को  बेबसी  की
मिट्टी  में  रोलता  हूँ

------ milap singh bharmouri

Saturday, 12 July 2014

Avaidh nirman

Hindi shayari

पहले - पहल  बनाते  हैं 
मंदिर-  मस्जिद  या  मजार
पीछे  से कर  देते  हैं शुरू
शातिर  लोग अवैध  निर्माण

----- मिलाप सिंह भरमौरी

Mud ke dekh

Hindi shayari
@ @ @ @ @ @ @

बस  मुड के देख लो इक बार मेरी तरफ
दिल के  कोने कोने में बहार  आ जाएगी

आवाद हो जाएगा  खुशियों  का गुलशन
खिजां में  जब भी  तेरी याद  आ जाएगी

गम न होगा नाकामियों  का जरा भी फिर
असर  न कर पाएंगे  फिर  यह नासूर मेरे

देखकर  मरहम  तेरी मौहब्बत  का सनम
किस्मत मुझे सताने  से बाज आ  जाएगी

------- milap singh bharmouri

Friday, 11 July 2014

Jidd jyada nhi

जिद्द  हद  में  ही  अच्छी  है
इसे  बेहद किया  नहीं  करते

थोडी  की  कोई  बात नहीं
ज्यादा  मगर  पिया  नहीं  करते

परवाह  करनी  पडती  है  कुछ
जमाने  वालों   की  भी  दोस्त

बस  अपने  ही  असूलो  पर
हमेशा   जिया   नहीं  करते

------- milap singh bharmouri

Thursday, 10 July 2014

Hasil kya kiya


हासिल  तुमने  भी  क्या  किया
मेरे  दिल  को  तोडकर

चली  गई  शौहरत  के   लिए
मुझे  गुरबत  में  छोडकर

मैं  था तेरी  झलक  का प्यासा
इक  भंवरे  रिंद  जैसा

तेरे  लिए  रुकता  था  मैं
कितनी  देर  तक उस  मोड पर

------- मिलाप सिंह भरमौरी

Wednesday, 9 July 2014

Bantbara


बस  इक  सत्ता  की  चाह  में
उसने मुल्ख  का
करवा  दिया  था  बंटवारा

वरना  वो  भी  तो  कहता  था
सारे  जहाँ  से  अच्छा
हिन्दोसितां  हमारा

      ------ मिलाप सिंह भरमौरी