जगह- जगह आक्रोश है
फिर भी तू खामोश है
तू सत्ता-सुलभ दिखाऊ है
हाँ-हाँ मीडिया तू बिकाऊ है....
A place for original Hindi shayari sad shayari romantic shayari hindi kavita and pahari kavita of milap singh
milap singh
Saturday, 6 July 2019
Friday, 28 June 2019
रोजी
यह मजदूर नहीं आते सड़कों पर
जब तक रोजी - रोटी चलती रहे
पर जब छीनने लगे सरकार नौकरी
तो खुद ही बताओ यह क्या करें???
Thursday, 20 June 2019
तेरे बगैर
तेरे वगैर जिंदगी
सूनी सी लग रही थी।
बोझिल से पल थे सारे
मुश्किल हर घड़ी थी।
आने से घर में तेरे
फिर से रौनक सी आ गई है।
सांसे फिर से चल पड़ी हैं
पहले जो रुक चली थीं।
....... मिलाप सिंह भरमौरी
Sunday, 14 April 2019
हक़ीक़त
जिनसे मोहब्बत होती है
शिकवे भी उनसे होते हैं।
वरना गैरों से दुनिया में
भला कौन शिकायत करता है।
तुमको भी पता है
इस दिल की हकीकत।
यह दिल तुमसे अब भी
कितनी मोहब्बत करता है।
....... मिलाप सिंह भरमौरी
Saturday, 30 March 2019
Teri yadon ke pal
रंग - बिरंगे इस धरती पर
फूल प्यारे सजते हैं।
काले- काले बादल जब
पानी बन के बरसते हैं।
आँखे मन करते हैं आँसू
पर फिर भी ठंडक मिलती है।
सच तेरी यादों के पल मुझको
वो अब भी प्यारे लगते हैं।
....... मिलाप सिंह भरमौरी
Thursday, 21 March 2019
होली शायरी
पल भर ही सही लेकिन
वाह! क्या समा बन आया था।
दिल के हर कोने में जैसे
खुशियों का रंग छाया था।
जी करता है कि
जिंदगी भर न छूटने दूँ उसको।
अपने हाथों से मेरे गालों पर
कल तुमने जो रंग लगाया था।
..... मिलाप सिंह भरमौरी
Saturday, 16 March 2019
प्रयास
मेहनत तो कर्म है तेरा
फिर किसलिए परेशान हो।
नीरस - सा लगेगा जहान
मंजिल अगर आसान हो।
कुछ तो सिखा के जाएंगी
यह रुकावटें भी राह की।
प्रयास एक ओर जारी रहे
जब तक जिस्म में जान हो।
.......मिलाप सिंह भरमौरी।