milap singh

milap singh

Sunday, 14 October 2018

बिना स्टैंड की साईकिल


चलने से टिकती है
और रुकने से गिर जाती है।
यह जिंदगी बिना स्टैंड की साईकिल है।

बिना स्टैंड की साइकिल
🚲🚲🚲🚲🚲🚲🚲

चलती है तो टिकती है।
रुकती है तो गिर जाती है।
ओर कुछ नहीं है यह जिंदगी
सिर्फ बिना स्टैंड की साइकिल है।

....... मिलाप सिंह भरमौरी

Monday, 8 October 2018

Thokr

मैं जब भी तन्हा होता हूँ।

तेरे सुंदर सपने बोता हूँ।

कभी उड़ता हूँ उन्मुक्त सा होकर


कभी देख हकीकत रोता हूँ।

कभी लगती है हर राह आसान


कभी ठोकर पे ठोकर खाता हूँ।

..... मिलाप सिंह भरमौरी


Thursday, 4 October 2018

उम्मीद

मेरे मन को हल्का करती है

जब कुदरत रंग बदलती है।

तुम भी तो कुदरत का हिस्सा हो


तू भी इक सुंदर दिल रखती है।

तेरा गुस्सा तपता सूरज है सिर्फ


मुझसे ठंडी चांदनी रातें कहती हैं।

तेरा भी मन बदलेगा जरूर


मेरे दिल से उम्मीदें कहती हैं।

    ....... मिलाप सिंह भरमौरी


Saturday, 25 August 2018

हालत



कुछ दूर चलते हैं

फिर कदम रुक जाते हैं

मेरी मजबूरियों में सब

ख्वाब बिक जाते हैं।

वो सामने आते हैं तो

मिलते हैं बड़ी हमदर्दी से।

मगर पीठ पीछे जाते ही

मेरी हालत पे हँस जाते हैं।

....... मिलाप सिंह भरमौरी

आरक्षण

हम बी. पी. एल. जिसे कहते हैं

वो आर्थिक आधार पर आरक्षण है।

पर अफसोस की बात यह है कि

इसमें भी बहुत भ्रष्टाचार के लक्षण हैं।

         ....... मिलाप सिंह भरमौरी


Sunday, 12 August 2018

लम्हा लम्हा

लम्हा लम्हा है मुश्किल

किस किस से लड़ता है ये दिल


इक ओर मोहब्बत के धोखे


इक ओर अधर में मुस्तकबिल ।

कभी तेरे संग के ख्बाब सजाऊँ


हवा में सुंदर महल बनाऊँ


बन्द आंखों से दुनिया अच्छी लगती


तकदीर भी मनचाही लगती


पर आंखे खुलते ही रोता है दिल।

यह प्यार मोहब्बत की बातें


अब हृदय पे करती हैं घातें


चेहरे बदलते देखे हैं कितने ही


कितनी ही स्मृति में छाई हैं यादें


सोच रहा हूँ तन्हा बैठे


आखिर ऐसा क्या किया उसने हासिल।

...... मिलाप सिंह भरमौरी

Thursday, 9 August 2018

नजरें

बच के निकलता हूँ

तेरी गली से

कि फिर तुमसे 

सामना न हो जाए।

बड़ी मुश्किल से

समेटे हैं दिल के टुकड़े

कि फिर वही 

मामला न हो जाए।

बहुत डरता हूँ तेरी

झुकी सी पलकों से

असर बहुत है

तेरी शोख़ नजरों में।

जानलेवा है बहुत

यह बेरुखी तेरी

दर्द सीने में वो फिर

वेवजह न हो जाए।

....... मिलाप सिंह भरमौरी