milap singh

milap singh

Friday, 2 June 2017

ई वी एम शायरी

बेशक घूंघट में रहती है हमेशा,
फिर भी पतित चरित्र पर शक करते हैं ।
ई वी एम दे रही है जो आज सबके सामने,
उसे अग्नि परिक्षा ही तो कहते हैं।

........ मिलाप सिंह भरमौरी

Sunday, 29 January 2017

26 january shayari

जब भी तिरंगा नजर आता है,
मन उमंग से भर जाता है।।
हाथ उठ जाता है सलामी के लिए,
और सीना गर्व से तन जाता है।।

.......... मिलाप सिंह भरमौरी

।। गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।।

Saturday, 28 January 2017

इश्क का रंग

इश्क के आगे हर रंग फीका लगता है।
हारकर भी सब कुछ जीता सा लगता है।
कुछ फर्क नहीं पडता अब तेरे दिए हुए जख्मों से,,
तेरा दिया दर्द भी अब मीठा सा लगता है।

............ मिलाप सिंह भरमौरी

Sunday, 7 June 2015

बिन कटारी से

बिन कटारी  से भी किस्से  खत्म होते हैं ।
भर न  पाएं कभी जो  ऐसे जख्म  होते है ।
मत ढूँढो तुम हथियार मेरी चोट का यारो।
दुनिया में कुछ नजरों से भी कत्ल होते हैं ।

              ------- मिलाप सिंह भरमौरी

Monday, 23 February 2015

नजर

जब  भी  उसने  नजर  उठाई
दिल  को  जैसे  राहत  आई।

उसके  बस  मुस्कुरा  देने  से
हमने  लाखों  खुशियां  पाई।

उसके  इधर  से  आने  से
गली  गली  में  बहारें  आईं।

उसके  होंठ  हिले  तो  पाया
हवा  ने  सुंदर  सरगम  गाई।

   --- मिलाप  सिंह  भरमौरी

Friday, 20 February 2015

World cup shayari

पहले मैच में, पाकिस्तान को पटका
अब तेरी बारी है, साउथ अफ्रीका ।
वर्ड कप तो इंडिया ही जीतेगा फिर
हर टीम को लगेगा जोर का झटका।

   ------- मिलाप सिंह भरमौरी

Thursday, 19 February 2015

Tanha kab hun

मैं तन्हा कब हूँ
तू साथ रहती है हमेशा ।
तुझको ही पाया मैंने
जब कभी कहीं भी देखा ।
लफ्ज में तू है, नब्ज़ में तू है
सांसों में तू , बातों में तू ।
तेरी ही परिछाई है यह जग सारा ।
लगता है इसका कण - कण तेरे जैसा ।

---- मिलाप सिंह भरमौरी