milap singh

milap singh

Friday, 2 June 2017

ई वी एम शायरी

बेशक घूंघट में रहती है हमेशा,
फिर भी पतित चरित्र पर शक करते हैं ।
ई वी एम दे रही है जो आज सबके सामने,
उसे अग्नि परिक्षा ही तो कहते हैं।

........ मिलाप सिंह भरमौरी

Sunday, 29 January 2017

26 january shayari

जब भी तिरंगा नजर आता है,
मन उमंग से भर जाता है।।
हाथ उठ जाता है सलामी के लिए,
और सीना गर्व से तन जाता है।।

.......... मिलाप सिंह भरमौरी

।। गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।।

Saturday, 28 January 2017

इश्क का रंग

इश्क के आगे हर रंग फीका लगता है।
हारकर भी सब कुछ जीता सा लगता है।
कुछ फर्क नहीं पडता अब तेरे दिए हुए जख्मों से,,
तेरा दिया दर्द भी अब मीठा सा लगता है।

............ मिलाप सिंह भरमौरी